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किसी à¤à¥€ महिला के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ बेहद खास होता है। यह उसे न केवल मां कहलाने का गौरव दिलाता है, बलà¥à¤•ि उसे संपूरà¥à¤£ नारी à¤à¥€ बनाता है। इस कारण लगà¤à¤— हर महिला अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को पà¥à¤²à¤¾à¤¨ कर आगे बà¥à¤¨à¤¾ चाहती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने से पहले ‘ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन’ के संबंध में हर जानकारी होना जरूरी है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम इसी संबंध में तमाम सवालों के जवाब देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेंगे। आपको ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के बारे में तो जानकारी मिलेगी ही, साथ ही उन दिनों के बारे में à¤à¥€ पता चलेगा, जो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के लिठसबसे उपयà¥à¤•à¥à¤¤ होते हैं।
मासिक धरà¥à¤® के कितने फेस होते हैं?
यह ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन ही है, जो आपके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ा देता है। ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन महिलाओं में मासिक चकà¥à¤° के बीच आने वाला à¤à¤• चरण है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मासिक धरà¥à¤® शà¥à¤°à¥‚ होने से लगà¤à¤— दो हफà¥à¤¤à¥‡ पहले ही शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। इस दौरान महिलाओं के सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। इस समय महिलाओं के à¤à¤—à¥à¤¸ अंडाशस से निकलकर शरीर में आते हैं। फिर ये शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं के साथ मिलने पर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ का कारण बन सकते हैं। इस दौरान किसी à¤à¥€ महिला के गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इस पà¥à¤°à¤•ार कह सकते हैं कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला रजनोवृतà¥à¤¤à¤¿ की अवसà¥à¤¥à¤¾ में पहà¥à¤‚चने तक हर महीने गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर सकती है (1)।
आगे लेख में हम ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के संबंध को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानेंगे।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को कैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन?
ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सीधा संबंध है। साफ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में इसे समà¤à¥‡à¤‚, तो बिना ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन किसी à¤à¥€ महिला के लिठगरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। आइà¤, इसे कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° समà¤à¤¤à¥‡ हैं :
ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला में हर महीने मासिक चकà¥à¤° के पूरà¥à¤£ होने के बाद शà¥à¤°à¥‚ होती है। हर महिला में पीरियडà¥à¤¸ की तारीख के हिसाब से यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अलग-अलग पूरी होती है।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में महिला के à¤à¤—à¥à¤¸ अंडाशय में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाते हैं। उनके सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने के बाद उनमें से à¤à¤• मेचà¥à¤¯à¥‹à¤° à¤à¤— फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है। इसके बाद वह à¤à¤— शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करता है।
अंडाशय से निकलने वाले अंडे का जीवनकाल केवल 12 से 24 घंटे का ही होता है। इसलिà¤, शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ की गैर-मौजूदगी में यह अपने आप नषà¥à¤Ÿ हो जाता है।
सही समय पर अंडे और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ के आपस में न मिलने पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ खतà¥à¤® हो जाती हैं।
अंडे के à¤à¤• बार नषà¥à¤Ÿ होने के बाद महिला को इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पूरा करने के लिठअगले मासिक चकà¥à¤° तक का इंतजार करना पड़ता है (2)।
कà¥à¤¯à¤¾ आप ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन टà¥à¤°à¥ˆà¤•र का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— जानते हैं? अगर नहीं, तो चलिठहम बताते हैं।
फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों की गणना के लिठओवà¥à¤¯à¥‚लेशन टà¥à¤°à¥ˆà¤•र का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कैसे करें?
मां बनने में ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन टà¥à¤°à¥ˆà¤•र आपकी मदद कर सकता है। इस टà¥à¤°à¥ˆà¤•र की सहायता से महिलाà¤à¤‚ अपने फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों यानी गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के उपयà¥à¤•à¥à¤¤ दिनों के बारे में जानकारी हासिल कर सकती हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली बात यह है कि हर महिला की ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अलग-अलग हो सकती है।
ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन टà¥à¤°à¥ˆà¤•र के उपयोग की विधि को समà¤à¤¨à¥‡ से पहले यह जान लेना जरूरी है कि महिलाओं में मासिक चकà¥à¤° 22 से 36 दिन के बीच हो सकता है। उनके मासिक चकà¥à¤° की अवधि ही उनके ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करती है। जहां कà¥à¤› महिलाओं में मासिक चकà¥à¤° 28 दिन के अंतराल पर आता है, वहीं कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ का मासिक चकà¥à¤° 21 दिन में ही पूरा हो जाता है। कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ होती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना मासिक चकà¥à¤° पूरा करने में 35 से 36 दिन लग सकते हैं।
मासिक चकà¥à¤° के आधार पर ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन को कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार समà¤à¤¾ जा सकता है :
28 दिन के मासिक धरà¥à¤® वाली महिलाà¤à¤‚ 14वें दिन पर ओवà¥à¤¯à¥‚लेट करेंगी।
21 दिन के मासिक धरà¥à¤® वाली महिलाà¤à¤‚ 7वें दिन पर ओवà¥à¤¯à¥‚लेट करेंगी।
35 से 36 दिन के मासिक धरà¥à¤® वाली महिलाà¤à¤‚ 21वें दिन ओवà¥à¤¯à¥‚लेट कर सकती हैं (3)।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठहम नीचे टेबल दे रहे हैं।
मासिक चकà¥à¤° फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² विंडो ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का दिन बेहतर फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² समय
35 दिन 17 से 24 दिन लगà¤à¤— 21वें दिन पर दिन 19, 20 और 21
32 दिन 14 से 21 दिन लगà¤à¤— 18वें दिन पर दिन 16, 17 और 18
28 दिन 10 से 17 दिन लगà¤à¤— 14वें दिन पर दिन 12, 13 और 14
24 दिन 6 से 13 दिन लगà¤à¤— 10वें दिन पर दिन 8, 9 और 10
21 दिन 3 से 10 दिन लगà¤à¤— 7वें दिन पर दिन 5, 6 और 7
अगर बात करें ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन टà¥à¤°à¥ˆà¤•र की, तो आप इसका पता करने के लिठहमारे ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन कैलà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। यह आपको अपने आप गणना करके बता देगा कि आपके लिठगरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने का सबसे बेहतर दिन कौन-सा है। इस जानकारी के आधार पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को पà¥à¤²à¤¾à¤¨ करने का संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया जा सकता है।
आपके पिछले मासिक धरà¥à¤® का पहला दिन :
मासिक धरà¥à¤® के चकà¥à¤° की औसत :
फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों की गणना के बाद अब बात करते हैं, पीरियडà¥à¤¸ के बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के सही समय की।
पीरियडà¥à¤¸ के बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ का सही समय कब होता है? |
साफ तौर पर कहा जाठतो गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन पर निरà¥à¤à¤° करता है। इस दौरान, अंडाशय से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ अंडा फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है। इसे ऊपर दिठगठटेबल के जरिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर तरीके से समà¤à¤¾ जा सकता है। अगर हम 28 दिन पर होने वाले à¤à¤• नियमित मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° की बात करें, तो माहवारी खतà¥à¤® होने के बाद 10 से 17वें दिन के बीच के समय को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ कहा जा सकता है।
अब बात आती है गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की, जिसके बारे में हम आगे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानेंगे।
पीरियडà¥à¤¸ के बाद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कब होती है? | Best Pregnancy Time After Period In Hindi
पीरियडà¥à¤¸ के बाद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन से पहले के दो दिनों और ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दिन होती है। 28 दिन वाले नियमित मासिक चकà¥à¤° के आधार पर कहा जा सकता है कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठपीरियडà¥à¤¸ के बाद 12वां, 13वां और 14वां दिन सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
आगे लेख में बात करेंगे मासिक धरà¥à¤® के बाद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के बारे में।
मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के कितने दिन बाद, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की कोई संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं होती है?
जैसा कि इस लेख के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हमने बताया कि ‘ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन विंडो’ के तहत आने वाले निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ दिनों में साथी के साथ संबंध बनाने के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। वहीं, विशेषजà¥à¤ž इस बात की ओर à¤à¥€ इशारा करते हैं कि सामानà¥à¤¯ तौर पर महिलाओं में ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन विंडो मासिक चकà¥à¤° के बाद 10 से 17वें दिन तक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहती है। अगर इस तथà¥à¤¯ को आधार मान लिया जाà¤, तो यह कहा जा सकता है कि मासिक धरà¥à¤® से 17वें दिन बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी हद तक कम हो जाती है (4)।
आगे हम ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के दिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की सà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं पर पà¥à¤°à¤•ाश डालने की कोशिश करेंगे।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लिठओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का दिन सही है?
हां, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का दिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लिठसबसे सही होता है। निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठओवà¥à¤¯à¥‚लेशन से पहले के पांच दिन यौन संबंध के लिठबेहतर माने जाते हैं। वहीं, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन वाले दिन à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठशारीरिक संबंध बनाठजा सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के 12 से 24 घंटे बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की सà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ समापà¥à¤¤ हो जाती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय के बाद अंडा फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में निषेचन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठउपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ नहीं रहता है (3)।
अब बात करते हैं पीरियडà¥à¤¸ के दिनों में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के बारे में।
कà¥à¤¯à¤¾ पीरियडà¥à¤¸ के दिनों में आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती है ?
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पूरी तरह से खतà¥à¤® नहीं होती है, लेकिन कà¥à¤› कम जरूर हो जाती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शारीरिक संबंध के बाद सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® कà¥à¤› दिनों तक महिला के शरीर में रह सकते हैं। इस बीच मासिक चकà¥à¤° 21 से 24 दिन का रहने पर समय से पहले ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है। यही कारण है कि पीरियडà¥à¤¸ के दौरान à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है (5)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि यह महज à¤à¤• अपवाद मातà¥à¤° है।
ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन होने के लकà¥à¤·à¤£
अमूमन हर महिला में ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठहà¥à¤ˆ है या नहीं, यह जानने की उतà¥à¤¸à¥à¤•ता लगी रहती है। आपके इस काम को हम आसान किठदेते हैं। आप इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का पता लगा सकती हैं –
शारीरिक तापमान : शारीरिक तापमान में बदलाव आना à¤à¤• साधारण लकà¥à¤·à¤£ है। इसकी लगातार निगरानी कर ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन का पता लगाया जा सकता है। मासिक चकà¥à¤° के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सामानà¥à¤¯ तापमान 97.2 से 97.6 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट रहता है। जैसे-जैसे ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन करीब आता है, शारीरिक तापमान बà¥à¤¨à¥‡ लगता है। इस तरह आप आसानी से पता लगा सकती हैं कि आपका ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन कब शà¥à¤°à¥‚ हो रहा है। तापमान मापने के लिठआप बेसेल डिजिटल थरà¥à¤®à¤¾à¤®à¥€à¤Ÿà¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं (1)।
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल मà¥à¤¯à¥‚कस में बदलाव : अगर आप ओवà¥à¤¯à¥‚लेट कर रही हैं, तो मासिक धरà¥à¤® शà¥à¤°à¥‚ होने से दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ बनने लगता है। यह पतला, पारदरà¥à¤¶à¥€ और चिकना हो सकता है।
पेट में दरà¥à¤¦ : ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन के समय कà¥à¤› महिलाओं में पेट दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होता है। यह दरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ और पेट में à¤à¤• तय जगह पर हो सकता है।
इसके अलावा, कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ देखने को मिलते हैं, जो इस बात का इशारा करते हैं कि ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जारी है, जैसे :
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का आकार बà¥à¤¨à¤¾ व उनका कोमल होना
पेट फूलना
सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव (1)
अगर आप जानना चाहते हैं कि अनियमित माहवारी में à¤à¥€ कैसे गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करें, तो पढ़ते रहें यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
अनियमित माहवारी के साथ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ कैसे हों?
अनियमित माहवारी के साथ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की बात करने से पहले हम यह जान लेते हैं कि अनियमित माहवारी कà¥à¤¯à¤¾ होती है। जब किसी महिला को मासिक चकà¥à¤° नियत समय (20 से 35 दिनों के अंतराल) पर न आà¤, तो उसे अनियमित माहवारी कहा जाता है। अनियमित माहवारी के साथ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है, लेकिन अपनी दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बदलाव कर इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ किया जा सकता है। यहां हम कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ दे रहे हैं, जिनकी मदद से आप अनियमित महावारी में à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती हैं (6)।
मानसिक तनाव– कई बार अनियमित माहवारी के पीछे का कारण अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मानसिक तनाव देखा जाता है। इसलिà¤, मà¥à¤®à¤•िन है कि मानसिक तनाव को कम कर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में आ रही कठिनाई से निजात पाई जा सकती है।
मोटापा– जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना खाना à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने का कारण बनता है। दरअसल, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• खाने से मोटापा होता है, जो अनियमित माहवारी का à¤à¤• कारक है। इसलिà¤, अपनी डाइट को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ कर अनियमित महावारी के दौरान गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में आ रही कठिनाई को दूर किया जा सकता है।
शारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®â€“ कà¤à¥€-कà¤à¥€ जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न कर पाने की बड़ी वजह बन जाता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि इस आदत में बदलाव कर अनियमित माहवारी के साथ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ किया जा सकता है।
योग– योग के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ किया जा सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि योग किसी योगà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• के देखरेख में ही करें।
नोट : इन सà¤à¥€ उपायों के अलावा इस समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ और नेचरोपैथी में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी विकलà¥à¤ª मौजूद हैं। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के बेहतर विकलà¥à¤ª हासिल करने के लिठविशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ से परामरà¥à¤¶ अति आवशà¥à¤¯à¤• है।
आगे हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के संबंध में कà¥à¤› और जानकारियां दे रहे हैं।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कारक
आमतौर पर महिलाà¤à¤‚ उन सà¤à¥€ कारकों के बारे में जानना चाहती हैं, जो उनके मातृतà¥à¤µ के सà¥à¤– को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। इसलिà¤, हम उन सà¤à¥€ कारकों पर रोशनी डालने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं, जिनकी मदद से आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में होने वाले सà¤à¥€ जोखिमों को पार कर पाà¤à¤‚गी (7) (8) :
सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग : सामानà¥à¤¯ महिलाओं के मà¥à¤•ाबले उन महिलाओं को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, जो सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग करती हैं। यह आदत न केवल गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है, बलà¥à¤•ि सेहत को à¤à¥€ खासा नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती है।
शराब : शराब पीने से महिलाओं में फीटल à¤à¤²à¥â€à¤•ोहल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® नामक घातक बीमारी हो जाती है। यह बीमारी अंडाशय में अंडों के बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समापà¥à¤¤ कर देती है (9)।
डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ की आदत : डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ लेने की आदत गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•िया को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
आयॠ: महिला की आयॠà¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की राह में बाधा बन सकती है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, महिलाओं में मासिक चकà¥à¤° 45-55 वरà¥à¤· की आयॠमें पूरी तरह से समापà¥à¤¤ हो जाता है। वहीं, कà¥à¤› मामलों में 40 की उमà¥à¤° से पहले à¤à¥€ पीरियडà¥à¤¸ आने बंद हो जाते है या कम हो जाते हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिला के लिठगरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना कठिन हो सकता है।
अनियमित मासिक धरà¥à¤® : अनियमित मासिक धरà¥à¤® à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। सावधानी न बरतने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बन सकता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती हैं।
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